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भूमि पूजन मुहूर्त 2025: घर बनाने का सबसे शुभ समय जानें

भूमि पूजन मुहूर्त क्या होता है?

 

Bhumi Pujan Muhurat का अर्थ है वह शुभ समय जब नई जमीन पर निर्माण कार्य या घर की नींव डालने से पहले पूजन किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, भूमि देवी से अनुमति और आशीर्वाद लेकर कार्य शुरू करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

यह प्रक्रिया वास्तु शास्त्र और धार्मिक ग्रंथों में विस्तार से बताई गई है। सही भूमि पूजन शुभ मुहूर्त में पूजा करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता आती है।

2025 में भूमि पूजन के लिए शुभ मुहूर्त (Bhoomi Poojan Shubh Muhurat)

जनवरी 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

जनवरी 2025 में कोई शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त उपलब्ध नहीं।

फरवरी 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

तिथि (Date, Weekday)गृह प्रवेश मुहूर्त (Time • नक्षत्र • तिथि)
6 फरवरी, गुरुवार10:53 PM – 07:06 AM (07 Feb) • रोहिणी
7 फरवरी, शुक्रवार07:06 AM – 07:05 AM (08 Feb) • रोहिणी, मृगशीर्ष
8 फरवरी, शनिवार07:05 AM – 06:07 PM • मृगशीर्ष
14 फरवरी, शुक्रवार11:09 PM – 06:59 AM (15 Feb) • उत्तरा फाल्गुनी
15 फरवरी, शनिवार06:59 AM – 11:52 PM • उत्तरा फाल्गुनी
17 फरवरी, सोमवार06:58 AM – 04:53 AM (18 Feb) • चित्रा

मार्च 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

तिथि (Date, Weekday)गृह प्रवेश मुहूर्त (Time • नक्षत्र • तिथि)
1 मार्च, शनिवार11:22 AM – 06:45 AM (02 Mar) • उत्तर भाद्रपद
5 मार्च, बुधवार01:08 AM – 06:41 AM (06 Mar) • रोहिणी
6 मार्च, गुरुवार06:41 AM – 10:50 AM • रोहिणी
14 मार्च, शुक्रवार12:23 PM – 06:31 AM (15 Mar) • उत्तरा फाल्गुनी
15 मार्च, शनिवार06:31 AM – 08:54 AM • उत्तरा फाल्गुनी

अप्रैल 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

तिथि (Date, Weekday)गृह प्रवेश मुहूर्त (Time • नक्षत्र • तिथि)
30 अप्रैल, बुधवार05:41 AM – 02:12 PM • रोहिणी

मई 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

तिथि (Date, Weekday)गृह प्रवेश मुहूर्त (Time • नक्षत्र • तिथि)
1 मई, गुरूवार11:23 AM – 02:21 PM • मृगशीर्ष • पंचमी
7 मई, बुधवार06:17 PM – 05:35 AM (08 May) • उत्तरा फाल्गुनी • एकादशी
8 मई, गुरूवार05:35 AM – 12:29 PM • उत्तरा फाल्गुनी • त्रयोदशी
9 मई, शुक्रवार12:09 AM – 05:33 AM • चित्रा • त्रयोदशी
10 मई, शनिवार05:33 AM – 05:29 PM • चित्रा • चतुर्थी
14 मई, बुधवार05:31 AM – 11:47 AM • अनुराधा • द्वितीया
17 मई, शनिवार05:44 PM – 05:29 AM (18 May) • उत्तरा आषाढ़ • पंचमी
22 मई, गुरुवार05:47 PM – 05:26 AM (23 May) • उत्तरा भाद्रपद • एकादशी
23 मई, शुक्रवार05:26 AM – 10:29 PM • उत्तरा भाद्रपद, रेवती • द्वादशी
28 मई, बुधवार05:25 AM – 12:29 AM (29 May) • मृगशीर्ष • त्रयोदशी

जून 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

तिथि (Date, Weekday)गृह प्रवेश मुहूर्त (Time • नक्षत्र • तिथि)
4 जून, बुधवार11:54 PM – 03:35 AM (05 Jun) • उत्तरा फाल्गुनी • द्वादशी
6 जून, शुक्रवार06:34 AM – 04:47 AM (07 Jun) • चित्रा • तृतीया

जुलाई 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

जुलाई 2025 में कोई शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त उपलब्ध नहीं।

अगस्त 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

अगस्त 2025 में कोई शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त उपलब्ध नहीं।

सितंबर 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

सितंबर 2025 में कोई शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त उपलब्ध नहीं।

अक्टूबर 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

तिथि (Date, Weekday)गृह प्रवेश मुहूर्त (Time • नक्षत्र • तिथि)
23 अक्टूबर, गुरूवार04:51 AM – 06:28 AM (24 Oct) • अनुराधा • सप्तमी
24 अक्टूबर, शुक्रवार06:28 AM – 01:19 AM (25 Oct) • अनुराधा • अष्टमी
29 अक्टूबर, बुधवार06:31 AM – 09:23 AM • उत्तरा आषाढ़ • एकादशी

नवंबर 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

तिथि (Date, Weekday)गृह प्रवेश मुहूर्त (Time • नक्षत्र • तिथि)
3 नवंबर, सोमवार06:34 AM – 02:05 AM (04 Nov) • उत्तरा भाद्रपद, रेवती • द्वादशी
6 नवंबर, गुरूवार03:28 AM – 06:37 AM (07 Nov) • रोहिणी • तृतीया
7 नवंबर, शुक्रवार06:37 AM – 06:38 AM (08 Nov) • रोहिणी, मृगशीर्ष • चतुर्थी
8 नवंबर, शनिवार06:38 AM – 07:32 AM • मृगशीर्ष • पंचमी
14 नवंबर, शुक्रवार09:20 PM – 06:44 AM (15 Nov) • उत्तरा फाल्गुनी • छठी
15 नवंबर, शनिवार06:44 AM – 11:34 PM • उत्तरा फाल्गुनी • सप्तमी
24 नवंबर, सोमवार09:53 PM – 06:52 AM (25 Nov) • उत्तरा आषाढ़ • अष्टमी
29 नवंबर, शनिवार02:22 AM – 06:56 AM (30 Nov) • उत्तरा भाद्रपद • एकादशी

दिसंबर 2025 गृह प्रवेश मुहूर्त

तिथि (Date, Weekday)गृह प्रवेश मुहूर्त (Time • नक्षत्र • तिथि)
1 दिसंबर, सोमवार06:56 AM – 07:01 PM • रेवती • सप्तमी
5 दिसंबर, शुक्रवार06:59 AM – 07:00 AM (06 Dec) • रोहिणी, मृगशीर्ष • अष्टमी
6 दिसंबर, शनिवार07:00 AM – 08:48 AM • मृगशीर्ष • नवमी

भूमि पूजन के लिए आवश्यक सामग्री

भूमि पूजन मुहूर्त के दिन ये सामग्री अवश्य रखें:

  • पीली मिट्टी

  • नारियल

  • पंचामृत

  • नवग्रह का जल

  • हल्दी, रोली, चावल

  • गणेश जी की मूर्ति

  • यज्ञ सामग्री व समिधा

🌿 यह पूजा गृह निर्माण के पहले positive energy और वास्तु दोष निवारण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

शास्त्रों में भूमि पूजन का महत्व (Importance of Bhumi Pujan in Scriptures)

 

भारतीय सनातन धर्म में भूमि को ‘भूमि देवी’ या ‘पृथ्वी माता’ के रूप में पूजा जाता है। यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन का गहरा प्रतीक है। जब भी कोई व्यक्ति नया घर, दुकान, फैक्ट्री या कोई अन्य निर्माण कार्य शुरू करता है, तो भूमि देवी से अनुमति लेना अनिवार्य माना गया है। इसे ही हम भूमि पूजन कहते हैं।


शास्त्रीय प्रमाण और पुराणों में उल्लेख:

  • स्कंद पुराण में वर्णन है कि:

भूमिं संस्मृत्य यः कार्यं शुभकर्म समाचरेत्।
तस्य कर्म निरवधानं, सिद्धिं याति न संशयः॥

अर्थ: जो व्यक्ति भूमि का स्मरण करके और उसका पूजन कर शुभ कार्य प्रारंभ करता है, उसका हर कार्य बिना बाधा के पूर्ण होता है।

  • गरुड़ पुराण में भूमि पूजन को विशेष रूप से “आयुष्यमान कार्यारंभ” कहा गया है — यानी ऐसा कार्य जो दीर्घकालिक हो, स्थायी सुख और संपन्नता दे।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक भूमि पर एक वास्तु पुरुष का वास होता है। अगर आप बिना पूजन और शुभ मुहूर्त के निर्माण कार्य करते हैं, तो वह वास्तु दोष उत्पन्न कर सकता है जो:
  1. मानसिक तनाव,

  2. आर्थिक हानि,

  3. परिवार में कलह,

  4. और स्थायी अशांति का कारण बन सकता है।

  • अथर्ववेद में भी भूमि को पूजा योग्य बताया गया है:

माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः॥

इसका अर्थ है — “भूमि मेरी माता है और मैं उसका पुत्र हूं।” इस वैदिक विचार के अनुसार भूमि पर कुछ भी करने से पहले उसका आशीर्वाद लेना आवश्यक है।

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